Highlights
- About the Story/Aarti
- Spiritual Benefits
- Author's Note

जगन्नाथ जी की आरती लिरिक्स हिंदी में | Jagannath Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi
By Anushka Sharma
Published: May 12, 2026
आरती श्री जगन्नाथ, मंगल कारी। आरती श्री बैकुंठ, मंगलकारी।।
मंगलकारी नाथ, आपादा हरी। कंचन को धूप-दीप, ज्योत जगमगी।।
अगर कपूर बाटी, भव से धारी। आरती श्री जगन्नाथ, मंगल कारी।।
आरती श्री बैकुंठ, मंगलकारी।। घर घरन बजता, बाजे बांसुरी।।
घर घरन बजता, बाजे बांसुरी। झांझ या मृदंग बाजे, ताल खनजरी।।
आरती श्री जगन्नाथ, मंगल कारी। आरती श्री बैकुंठ, मंगलकारी।।
निरखत मुखारविंद, परसत चरणारविंद। आपादा हरी, जगन्नाथ स्वामी के अताको चढ़े वेद की ध्वनि।।
जगन्नाथ स्वामी के, भोग लागो बैकुंठपुरी। आरती श्री जगन्नाथ, मंगल कारी।।
आरती श्री बैकुंठ, मंगलकारी। इंद्र दमन सिंह गजे, रोहिणी खड़ी।।
इंद्र दमन सिंह गजे, रोहिणी खड़ी। मार्कंडेय स्व गंगा, आनंद भरी।।
आरती श्री जगन्नाथ, मंगल कारी। आरती श्री बैकुंठ, मंगलकारी।।
सरणार मुनि द्वारे, तदे ब्रह्म वेद भानी। धन धन ओह सुर स्वामी, आनंद गढ़ी।।
आरती श्री जगन्नाथ, मंगल कारी। आरती श्री बैकुंठ, मंगलकारी।।
आरती श्री जगन्नाथ, मंगल कारी। आरती श्री बैकुंठ, मंगलकारी। मंगलकारी नाथ, आपादा हरी।।
कंचन को धूप-दीप, ज्योत जगमगी। अगर कपूर बाटी, भव से धारी।।
आरती श्री जगन्नाथ, मंगल कारी। आरती श्री बैकुंठ, मंगलकारी।।

About the Story/Aarti
जगन्नाथ जी की आरती ओडिशा के पुरी धाम और भगवान जगन्नाथ की भक्ति परंपरा से जुड़ी हुई एक अत्यंत पावन स्तुति है। यह आरती भगवान विष्णु के ही दिव्य स्वरूप जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की महिमा का गुणगान करती है। आरती के शब्दों में भक्त अपने मन, वाणी और कर्मों से प्रभु के चरणों में समर्पण व्यक्त करता है। इसे श्रद्धा और प्रेम से गाने पर वातावरण भक्तिमय हो जाता है और मन में शांति, आनंद तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
Spiritual Benefits
जगन्नाथ जी की आरती के आध्यात्मिक लाभ
इस आरती के श्रद्धापूर्वक पाठ या गायन से मिलने वाले प्रमुख लाभ:
- भगवान जगन्नाथ की कृपा और आशीर्वाद की अनुभूति होती है
- मन में भक्ति, शांति और सकारात्मकता बढ़ती है
- परिवार में मंगल और सुख-समृद्धि का भाव आता है
- जीवन की बाधाओं और भय को कम करने में सहायक मानी जाती है
- श्रीहरि के प्रति समर्पण और विश्वास मजबूत होता है
- पुरी धाम जैसी पवित्र लीलाओं का स्मरण जागृत होता है
Author's Note
यदि आप और दिव्य चित्र, आरती, और भक्ति-भरी कथाएँ देखना चाहते हैं, तो कृपया godsphoto.com पर अवश्य जाएँ।
Frequently Asked Questions
1. Jagannath Ji ki Aarti kis bhagwan ko samarpit hai?
Jagannath Ji ki Aarti Bhagwan Jagannath ko samarpit hai, jo Bhagwan Vishnu ke divya roop maane jaate hain. Isme Balabhadra aur Subhadra ji ki mahima bhi aati hai.
2. Jagannath Ji ki Aarti padhne se kya labh hote hain?
Is Aarti ke paath se man ko shanti, bhakti aur positive energy milti hai. Saath hi, ghar mein mangal, sukh aur samriddhi ka bhav badhta hai.
3. Jagannath Ji ki Aarti ka sahi samay kab hota hai?
Jagannath Ji ki Aarti subah aur shaam, dono samay bhakti aur shraddha ke saath ki ja sakti hai. Khaaskar puja ke baad ya aarti samay ise gaana shubh mana jata hai.
4. Puri Dham ka Jagannath ji se kya sambandh hai?
Puri Dham Bhagwan Jagannath ki sabse pavitra leela-sthaliyon mein se ek hai. Yahin unka prasiddh mandir hai, jahan har saal bahut saare bhakt darshan ke liye aate hain.
5. Jagannath Ji ki Aarti mein kaun-kaun se bhav vyakt hote hain?
Is Aarti mein bhakt apne mann, vaani aur karm se Prabhu ke charanon mein samarpan vyakt karta hai. Isse prem, shraddha aur adhyatmik anubhav gehra hota hai.
Please Share Your Thoughts
Community Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!











![Shree Krishna HD Photos 2026– Free Download [4K]](/_next/image?url=https%3A%2F%2Fd1izoyu1tdmpr.cloudfront.net%2Fgods%2Flord-krishna-photos.webp&w=1200&q=75)
