Highlights
- About the Story/Aarti
- Spiritual Benefits
- Author's Note

Laxmi Ji Ki Aarti in Hindi | श्री लक्ष्मी माता की आरती
By Tanya Sharma
Published: May 12, 2026
ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। मैया तुम ही जग-माता।। सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। मैया सुख सम्पत्ति दाता॥ जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता। मैया तुम ही शुभदाता॥ कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। मैया सब सद्गुण आता॥ सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। मैया वस्त्र न कोई पाता॥ खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता। मैया क्षीरोदधि-जाता॥ रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता। मैया जो कोई जन गाता॥ उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। ऊं जय लक्ष्मी माता॥

About the Story/Aarti
श्री लक्ष्मी माता की आरती धन, समृद्धि, शुभता और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी को समर्पित एक अत्यंत लोकप्रिय स्तुति है। इस आरती में देवी के अनेक रूपों, उनकी करुणा, कृपा और जीवन में सुख-सम्पन्नता देने वाली शक्ति का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि श्रद्धा से इस आरती का पाठ करने से घर का वातावरण पवित्र होता है और मन में सकारात्मकता, संतुलन तथा विश्वास बढ़ता है।
Spiritual Benefits
आरती के आध्यात्मिक लाभ
भक्ति और श्रद्धा के साथ इस आरती का पाठ करने से मिलने वाले प्रमुख लाभ इस प्रकार माने जाते हैं:
- धन और समृद्धि की प्राप्ति की भावना बढ़ती है
- घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
- मन में विश्वास, धैर्य और संतोष विकसित होता है
- जीवन के संकटों में साहस और स्थिरता मिलती है
- परिवार में शुभता, सौहार्द और सद्गुण बढ़ते हैं
- भक्ति-भाव और देवी कृपा का अनुभव गहरा होता है
Author's Note
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Frequently Asked Questions
1. Laxmi Ji Ki Aarti kab padhna chahiye?
Laxmi Ji Ki Aarti shaam ke waqt, khas kar diya ya deepak jalane ke baad padhna bahut shubh mana jata hai. Friday aur Diwali ke din iska paath aur bhi faldayi samjha jata hai.
2. Laxmi Ji Ki Aarti padhne se kya fayda hota hai?
Is Aarti ke paath se ghar mein positive energy, sukh-shanti aur samriddhi ka vaatavarann banta hai. Bhakton ko man ki shanti aur Mata Lakshmi ki kripa ka anubhav hota hai.
3. Kya Laxmi Ji Ki Aarti se dhan aur saubhagya milta hai?
Parampara ke anusaar, poori shraddha se Laxmi Ji Ki Aarti karne par dhan, vaibhav aur saubhagya ki prapti ki kamna poori hoti hai. Yeh man ko vishwas aur ghar ko pavitrata se bhar deti hai.
4. Laxmi Ji ko kis roop mein pooja jata hai?
Mata Lakshmi ko dhan, samriddhi, shubhata aur sukha-sampatti ki devi maana jata hai. Unhe Mahalakshmi, Uma, Rama aur Brahmani roopon mein bhi smaran kiya jata hai.
5. Laxmi Ji Ki Aarti ka path karte waqt kya dhyan rakhna chahiye?
Paath se pehle saaf-suthra vastra pehnen, mann ko shant rakhen aur poori shraddha se aarti gaayen. Deepak, agarabatti aur bhakti-bhav ke saath kiya gaya paath zyada shubh mana jata hai.
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